सुबह

एक सुबह है अंधेरे सी, पत्तों से पिघल रहे आंसू, बर्फीली हवाओं से बचती बचाती, साये में गुजरती जिंदगी। एक शाम है धुंधली सी, मौसम जैसे इश्क़…… Read more “सुबह”

अकेलापन

जैसे कभी समुन्दर का किनारा, कभी लगे सन्नाटा जंगल का, कभी जगमगाती सुबह की किरणें, अमावस की सूनी रात कभी, सपने दिखाये कभी हँसने गाने के, याद…… Read more “अकेलापन”

अभी तक

​आहटों में मेरी तू समाया है अभी तक, दिल के कोने में तुझको छुपाया है अभी तक, यादें तेरी सर्दियों की रातें जैसी है, मेरी छत पर…… Read more “अभी तक”