भांग

न जाने कैसे कैसे कहर पी गया, पैमाने में मयखाना भर पी गया, उसने मीठी मीठी बातों में ऐसा उलझाया, मैं उसके इश्क़ का सारा ज़हर पी…… Read more “भांग”

अधूरापन

ये टिमटिमाती झालरें, सजी है आसमान में, कुछ कह रही हैं चाँद से, जाते हो दुनिया लांघ के, खुद को पूरा करने को, कुछ पल पूरा रहने…… Read more “अधूरापन”

जिंदगी

ज़िन्दगी है तो ज़िन्दगी के सितम सही, महफ़िल-ए-वस्ल सही इश्क़ के ग़म सही, बातों बातों में बात वहां आकर अटक गयी, जहां सब तुम सही जहां सब…… Read more “जिंदगी”